गणेश राय शेर ट्रस्ट किसानों को आधुनिक, सतत और लाभकारी कृषि के लिए जागरूक कर रहा है। ट्रस्ट की सलाह है कि सभी किसान खेत की मिट्टी की जांच अवश्य करें, विज्ञान सम्मत तरीके अपनाएं और अपने क्षेत्र एवं संसाधन के अनुसार कृषि पद्धति चुनें।
मिट्टी परीक्षण का महत्व
मिट्टी जांच करने से किसान को यह जानकारी मिलती है कि जमीन में कौन-कौन से पोषक तत्व हैं और किसकी कमी है। इसके लाभ हैं:
• सही मात्रा में खाद एवं पोषक तत्व देने से लागत घटती है और उपज बढ़ती है।
• पर्यावरण पर दुष्प्रभाव कम होता है।
• खेत की दीर्घकालिक उत्पादकता बनी रहती है।
किसानों के लिए बेहतर कृषि पद्धतियाँ
अपने क्षेत्र, जलवायु और मिट्टी के अनुसार निम्नलिखित कृषि तरीके अपनाएँ:
• जैविक कृषि: कम्पोस्ट, फसल चक्र और प्राकृतिक कीटनाशक का प्रयोग, निर्यात योग्य गुणवत्ता भी मिलती है।
• फसल चक्र/हरीखाद: मिट्टी उर्वरक बनी रहती है, कीटों और बीमारियों का नियंत्रण होता है।
• ड्रिप सिंचाई एवं मृदा संरक्षण: पानी की बचत और पैदावार में बढ़ोतरी।
• एकीकृत कीट नियंत्रण: रसायनों का प्रयोग कम कर फसल की गुणवत्ता बढ़ाएँ।
• कृषि वानिकी (Agroforestry): विविध आय के लिए पेड़-पौधों के साथ खेती करें।
ट्रस्ट की पहल और प्रशिक्षण
गणेश राय शेर ट्रस्ट नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण शिविर, फील्ड डेमोंस्ट्रेशन, एवं वैज्ञानिकों के संवाद सत्र आयोजित करता है। इससे किसान नए तौर-तरीके सीखकर अपनी आय और क्षेत्र का विकास कर सकते हैं।
किसानों के लिए सुझाव
• नई फसल बोने या विस्तारण से पहले मिट्टी जांच जरूर कराएँ।
• जैविक इनपुट, कम्पोस्ट और हरी खाद का इस्तेमाल करें।
• सरकार की ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ योजना का लाभ लें।
• ट्रस्ट द्वारा आयोजित प्रशिक्षण और कार्यशाला में भाग लें।
गणेश राय शेर ट्रस्ट सभी किसानों को वैज्ञानिक कृषि, नियमित मिट्टी परीक्षण और स्थानीय परिस्थिति अनुसार खेती के तरीके अपनाने के लिए प्रेरित करता है, जिससे उत्पादन, आय और पर्यावरण सुरक्षा, तीनों सुनिश्चित हों।